भूकंप से सुनामी तक: एक विस्तृत जानकारी और रूस का शक्तिशाली 8.8 मैग्निट्यूड भूकंप

भूकंप से सुनामी और रूस में शक्तिशाली 8.8 मैग्निट्यूड का  भूकंप

प्राकृतिक आपदाओं में से एक सबसे खतरनाक सुनामी होती है  — सुनामी की  शुरुआत अक्सर समुद्र के भीतर भूकंप या ज्वालामुखीय विस्फोट से होती है जिसका प्रमुख कारण टैक्टोनिक प्लेटो का आपस में टकराना तथा दूर जाना होता है । विगत वर्षो  में, जापान ने भी एक बड़े  त्रासद का अनुभव  2011 के भूकंप से किया था ।

सुनामी क्या है?
यह एक विशाल समुद्री लहर होती है जो समुद्र के तल में हुई भूकंपीय हलचल से उत्पन्न होती है। अगर भूकंप की गहराई काफी कम हो (जैसे 10‑20 किमी), तो समुद्र की सतह ऊपर उठ जाती है और तेज तरंगें तटीय क्षेत्रों तक पहुँच जाती हैं। इस घटना का इतिहास कुरील द्वीप समूह में 1952 (9.0 मैग्निट्यूड) और 1963 (8.5) जैसे भूकंपों से भी जुड़ा हुआ है, जिन्होंने 5–18 मीटर ऊँची लहरें बनाई थीं । 

रूस में हाल का भूकंप और सुनामी

30 जुलाई 2025 को सुबह के समय रूस की कंचात्का प्रायद्वीप के तट से लगभग 119 किमी दूरी पर 8.8 मैग्निट्यूड का भूकंप आया—जो उस क्षेत्र में 1952 के बाद तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप था । 

इस भूकंप की गहराई मात्र लगभग 12–20 किमी थी, जिसके कारण तीव्र सुनामी लहरें उत्पन्न हुई । कंचात्का में कुछ क्षेत्रों में 3‑4 मीटर ऊँची लहरें दर्ज की गईं और Severo‑Kurilsk बंदरगाह क्षतिग्रस्त हुआ, जबकि प्रशासन ने समय रहते वहाँ की जनता को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया दिया था । सौभाग्य से कोई  बड़ी हानि नहीं हुई ।

प्रारंभिक तौर पर जापान, हवाई, और अमेरिका के करीबी तटीय क्षेत्रों में भी सुनामी अलर्ट  जारी हुआ है । जापानी मीडिया ने बताया कि वहां 30 से 60 सेमी, जबकि हवाई में 1.7 मीटर (लगभग 5.5 फीट) तक लहरें देखी गईं। बाद में अधिकांश जगहों पर चेतावनी को घटा दिया गया, लेकिन कुछ क्षेत्रों जैसे होक्काइडो में अलर्ट अभी तक जारी रहा है। 

निष्कर्ष

यह घटना दर्शाती है कि कैसे एक शक्तिशाली और कम गहराई वाला भूकंप समुद्र में विशाल लहरें पैदा कर सकता है, जो तटीय क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि समय पर चेतावनी और सुरक्षित निकासी ने बड़े नुकसान से बचाया, वैज्ञानिक इसे भविष्य के संभावित प्राकृतिक आपदाओं से तैयार रहने के लिए एक महत्वपूर्ण सीख मानते हैं।

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